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के लिए प्रश्नोत्तरी: ज़कात के लिए आसान मार्गदर्शन (2 का भाग 2)

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1) हीरे और सोने के कंगन की जकात की गणना इस प्रकार होगी:

2) एक बार ज़कात देय होने पर:

3) किसी को दान देने के लिए कोई गरीब और जरूरतमंद मुसलमान नहीं मिल रहा है, तो वह किन माध्यमों से अपनी ज़कात दे सकता है?

4) खालिद एक दयालु और परोपकारी मुसलमान होने के कारण अपनी कमाई का अधिकांश हिस्सा दान में देता था। जब ज़कात अदा करने का समय आया तो उसने पाया कि उसने ज़कात के रूप में गणना की गई राशि के बराबर दान में पहले ही दे दिया है। क्या उसके स्वैच्छिक दान को उसकी ज़कात के रूप में गिना जा सकता है?

5) ज़कात देने की नियत तारीख की गणना इसके अनुसार की जाती है:

6) गरीब लोगों के संबंध में:

7) निम्नलिखित मे से किस चीज़ पर ज़कात लागू नहीं है?

8) ज़कात व्यवस्थापकों को उनके काम के लिए ज़कात फंड से भुगतान किया जा सकता है ।

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