भाषाएं

स्तर

श्रेणियाँ

चैट के माध्यम से लाइव सहायता

 

इस साइट के बारे में

न्यू मुस्लिम ई-लर्निंग साइट में आपका स्वागत है। यह नए मुस्लिम धर्मान्तरित लोगों के लिए है जो अपने नए धर्म को आसान और व्यवस्थित तरीके से सीखना चाहते हैं। इसमे पाठों को स्तरों के अंतर्गत संयोजित किए गया है। तो पहले आप स्तर 1 के तहत पाठ 1 पर जाएं। इसका अध्ययन करें और फिर इसकी प्रश्नोत्तरी करें। जब आप इसे पास कर लें तो पाठ 2 वगैरह पर आगे बढ़ें। शुभकामनाएं।

यहां से प्रारंभ करें

आपको पंजीकरण करने की सलाह दी जाती है ताकि आपके प्रश्नोत्तरी ग्रेड और प्रगति को सेव किया जा सकें। इसलिए पहले यहां पंजीकरण करें, फिर स्तर 1 के अंतर्गत पाठ 1 से शुरू करें और वहां से अगले पाठ की ओर बढ़ें। अपनी सुविधा अनुसार पढ़ें। जब भी आप इस साइट पर वापस आएं, तो बस "मैंने जहां तक पढ़ा था मुझे वहां ले चलें" बटन (केवल पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध) पर क्लिक करें।

फ़ॉन्ट का आकार: इस लेख के फ़ॉन्ट का आकार बढ़ाएं फ़ॉन्ट का डिफ़ॉल्ट आकार इस लेख के फॉन्ट का साइज घटाएं
लेख टूल पर जाएं

सही मार्गदर्शित खलीफा: उमर इब्न अल-खत्ताब (2 का भाग 2)

विवरण: पैगंबर मुहम्मद के साथी, दोस्त और इस्लाम के दूसरे सही मार्गदर्शित खलीफा की एक संक्षिप्त जीवनी।

द्वारा Aisha Stacey (© 2013 NewMuslims.com)

प्रकाशित हुआ 08 Nov 2022 - अंतिम बार संशोधित 07 Nov 2022

प्रिंट किया गया: 0 - ईमेल भेजा गया: 0 - देखा गया: 139 (दैनिक औसत: 2)

श्रेणी: पाठ > पैगंबर मुहम्मद > उनके साथी


उद्देश्य:

·       उमर इब्न अल-खत्ताब के जीवन के बारे में जानना और इस्लाम के इतिहास में उनके महत्व को समझना।

अरबी शब्द:

·        क़ाज़ी - एक मुस्लिम न्यायाधीश जो शरिया के अनुसार कानूनी निर्णय देता है।

·       शरिया - इस्लामी कानून।

·       शूरा - परामर्श का सिद्धांत, विशेष रूप से सरकार के लिए लागू।

·       खलीफा (बहुवचन: खुलाफ़ा) - वह प्रमुख मुस्लिम धार्मिक और नागरिक शासक है, जिन्हें पैगंबर मुहम्मद का उत्तराधिकारी माना जाता है। खलीफा का मतलब सम्राट नही है।

·       उम्मत - मुस्लिम समुदाय चाहे वो किसी भी रंग, जाति, भाषा या राष्ट्रीयता का हो।

·       दीवान - इस्लामी समाजों में यह एक केंद्रीय वित्त विभाग, मुख्य प्रशासनिक कार्यालय या क्षेत्रीय शासी निकाय है।

·       हिज्राह - एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रवास करना। इस्लाम में, हिज्राह मक्का से मदीना की ओर पलायन करने वाले मुसलमानों को संदर्भित करता है और इस्लामी कैलेंडर की शुरुआत का भी प्रतीक है।

·       सुन्नत - अध्ययन के क्षेत्र के आधार पर सुन्नत शब्द के कई अर्थ हैं, हालांकि आम तौर पर इसका अर्थ है जो कुछ भी पैगंबर ने कहा, किया या करने को कहा।

·       हदीस - (बहुवचन - हदीसें) यह एक जानकारी या कहानी का एक टुकड़ा है। इस्लाम में यह पैगंबर मुहम्मद और उनके साथियों के कथनों और कार्यों का एक वर्णनात्मक रिकॉर्ड है।

RightlyGuidedCaliphsUmar2.jpgयह अबू बक्र ही थे जिन्होंने उमर को इस्लाम का दूसरा खलीफा बनाने के लिए चुना था। अपनी मृत्यु शय्या पर अबू बक्र ने अपने दोस्तों और सलाहकारों को एक साथ इकट्ठा किया और उनसे अपने उत्तराधिकारी को आपस में चुनने के लिए कहा, हालांकि वे ऐसा करने में असमर्थ रहे और अबू बक्र के पास वापस गए और जोर देकर कहा कि वह यह निर्णय खुद लें। उन्होंने उमर इब्न अल-खत्ताब को चुना। उमर ने 634 सीई में अबू बक्र की मृत्यु के बाद उम्मत का नेतृत्व संभाला।

उमर खुद अपनी कठोरता को जानते थे और उनका पहला काम लोगों को संबोधित करना और उनकी अपेक्षाओं को बताना था, विशेष रूप से खुद की अपेक्षाओं को बताना। उनके भाषण से हमें पता चलता है कि उमर ने सिर्फ प्रशंसा पाने और महान बनने के लिए कार्य नहीं किया। हालांकि वह पैगंबर मुहम्मद की विरासत को बनाए रखना चाहते थे। उन्होंने यह कहते हुए शुरू किया, "ऐ लोगों, यह जान लो कि मुझे तुम्हारे मामलों पर शासन करने के लिए नियुक्त किया गया है, तो समझो कि मेरी कठोरता अब कम हो गई है, लेकिन मैं उत्पीड़न और अपराध करने वाले लोगों पर सख्त और कठोर बना रहूंगा..." यह उमर की खिलाफत के समय ही था जब इस्लामी आदर्श धार्मिक और राजनीतिक बुनियादी ढांचे का गठन और समेकित किया गया था। उन्होंने क़ुरआन के इन शब्दों को अर्थ दिया और उनके अनुसार कार्य किया:

“ऐ ईमान वालो! न्याय के साथ खड़े रहकर अल्लाह के लिए साक्षी (गवाह) बन जाओ।…” (क़ुरआन 4:135)

उमर इब्न अल-खत्ताब के शासनकाल में मदीना स्थित छोटे इस्लामी राष्ट्र को विश्व शक्ति में बदल दिया गया। सैन्य गढ़ों का गठन किया गया और वे बाद में इस्लामिक खिलाफत के कुछ महान शहरों जैसे बसरा, दमिश्क, कुफा और फुस्तात (जिसे अब काहिरा के नाम से जाना जाता है) शहर में तब्दील हो गए। उमर ने इस व्यापक खिलाफत को प्रांतों में विभाजित किया और उन्होंने राज्यपालों को नियुक्त किया जिनकी जिम्मेदारियों और अधिकार को स्पष्ट रूप से बताया गया था। किसी भी भ्रष्ट प्रशासक को कड़ी से कड़ी सजा दी जाती थी। कार्यपालिका और न्यायपालिका को अलग कर दिया गया और इस्लामी सिद्धांतों के अनुसार न्याय करने के लिए क़ाज़ी को नियुक्त किया गया।

खलीफा उमर ने जोर देकर कहा कि उनके नियुक्त राज्यपाल सादा जीवन जीते हैं और हर समय लोगों के लिए मौजूद रहते हैं, और उन्होंने खुद इस उदाहरण को स्थापित किया। वह अक्सर लोगों के बीच या मस्जिद में जाते थे जहां उनके कपड़े और आचरण आम लोगों की तरह होते थे। उमर ने भी कई रात जाग कर बिताई और ऐसे व्यक्ति की तलाश की जिसे मदद या सहायता की आवश्यकता थी। कई हदीसें हैं जो मदीना की सड़कों पर चलते हुए उमर के रात्रिकालीन जागरण को प्रमाणित करता है। उमर ने गरीब लोगों और भूखे यात्रियों के लिए खाना बनाया और उमर इब्न अल-खत्ताब की पत्नी ने उनके बच्चो को पैदा करने मे मदद की। उमर यह पता लगाने में सक्षम थे कि आम लोग क्या सोचते हैं और वो उसके अनुसार नियम बनाते या बदलते थे। उदाहरण के लिए, आमतौर पर बच्चों का जो वजीफा दूध छुड़ाने के समय दिया जाता था, उसका समय बदलकर इसे जन्म के समय ही दिया जाने लगा, जिससे माताओं को दूध छुड़ाने में जल्दबाजी न करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था।

 एक विशेष कहानी दूध बांटने वाली नौकरानी की है जिसे उसकी मां ने अधिक पैसा कमाने के लिए दूध में मिलावट करने को कहा। उमर इब्न अल-खत्ताब ने उस बातचीत को सुना जहां दूध बांटने वाली नौकरानी ने अपनी मां की उपेक्षा की और कहा कि हालांकि वे खलीफा और लोगों को धोका दे सकते हैं, लेकिन वे अल्लाह से धोखे को कभी नहीं छिपा सकते। इस लड़की के इस्लामी मूल्यों और सिद्धांतों के कारण उमर ने अपने बेटे को उससे शादी करने के लिए कहा। एक समय एक महिला ने खुद खलीफा के खिलाफ दावा पेश किया। जब उमर इब्न अल-खत्ताब क़ाज़ी के सामने पेश हुए, तो क़ाज़ी खलीफा के प्रति सम्मान के संकेत के रूप में खड़े हुए। उमर ने क़ाज़ी को फटकारते हुए कहा, "यह इस महिला के साथ तुमने पहला अन्याय किया है!”

उम्मत के इस महत्वपूर्ण विस्तार के दौरान, उमर इब्न अल-खत्ताब ने सामान्य नीति को बारीकी से नियंत्रित किया और विजित भूमि के प्रशासन के लिए सिद्धांतों को निर्धारित किया। इस्लामी कानूनी प्रथा की संरचना उनकी वजह से ही है। उमर एक उत्कृष्ट प्रशासक थे। उन्होंने एक शूरा परिषद की स्थापना की जहां उन्होंने राज्य के मामलों पर सलाह मांगी और सलाह ली, गहन बहस के बाद ही महत्वपूर्ण निर्णय किए गए।

 उमर ने दीवान नामक संस्था की स्थापना की जिसके द्वारा उम्मत के सभी सदस्यों को सरकारी खजाने से वार्षिक वजीफा दिया जाता था। पूरी तरह से जवाबदेह वित्त, लेखांकन, कराधान और ट्रेजरी विभागों को स्थापित किया गया। पुलिस, जेल और डाक इकाइयां स्थापित की गईं और विशाल मुस्लिम सेनाओं में सैनिकों को भुगतान किया गया। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को भुगतान भी किया गया था। इस्लामी विज्ञान, भाषा, साहित्य, लेखन और सुलेख का अध्ययन सभी को संरक्षण मिला और 4,000 से अधिक मस्जिदों का निर्माण किया गया। क़ुरआन के पाठ का मानकीकरण उमर की खिलाफत के दौरान पूरा हुआ। 

उमर इब्न अल-खत्ताब मुस्लिम उम्मत को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक थे, इसके लिए उन्होंने विजय प्राप्त की गई भूमि में ज्ञात तकनीक और निर्माण तकनीकों का उपयोग किया। फारस में इस्तेमाल की जाने वाली पवन चक्कियों के निर्माण के लिए उन्होंने अपनी पूरी खिलाफत में बढ़ावा दिया था। पुराने पुलों और सड़कों की मरम्मत की गई और नए बनाए गए। ऐसा कहा जाता है कि एक यात्री मिस्र से मध्य एशिया में खुरासान तक आसानी से जा सकता था। पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका के विशाल क्षेत्र एक मुक्त व्यापार क्षेत्र में एक साथ जुड़े हुए थे। जनसंख्या की जनगणना की गई और उमर ने पैगंबर मुहम्मद के हिज्रह से शुरू होने वाले इस्लामी कैलेंडर की स्थापना की।

दुखद और विडंबना यह रही कि सभी के लिए न्याय के लिए खड़े रहने वाले उमर की हत्या एक दीवानी मामले में दिए गए फैसले के कारण कर दी गई। पैगंबर के साथियों में से एक मुघीरा बिन शोबा ने अबू लुलु नाम के एक फारसी बढ़ई को एक दिन में दो दिरहम के लिए एक घर किराए पर दिया, अबू लुलु को यह राशि बहुत अधिक लगी। उसने खलीफा उमर इब्न अल-खत्ताब से शिकायत की जिन्होंने सभी तथ्यों को इकट्ठा किया, और निर्धारित किया कि किराया उचित है। इस छोटी सी घटना ने उम्मत के दूसरे खलीफा के रूप में उमर के 10 साल के शासन के अंत की शुरुआत की। अबू लुलु ने खलीफा की जान लेने की कसम खाई। अगली सुबह, उमर मस्जिद में गए और जब वह नमाज़ पढ़ाते समय क़ुरआन पढ़ रहे थे, अबू लुलु ने अपनी दोधारी तलवार खलीफा के पेट में डाल दी। आंतरिक रक्तस्राव को रोका नहीं जा सका और अगले दिन विश्वासिओं के सरदार उमर इब्न अल-खत्ताब का निधन हो गया। वह 644 ई थी।

पाठ उपकरण
बेकारश्रेष्ठ  रेटिंग दें
| More
हमें प्रतिक्रिया दे या कोई प्रश्न पूछें

इसके अलावा आप यहां उपलब्ध लाइव चैट के माध्यम से भी पूछ सकते हैं।

इस स्तर के अन्य पाठ 7