भाषाएं

स्तर

श्रेणियाँ

चैट के माध्यम से लाइव सहायता

 

इस साइट के बारे में

न्यू मुस्लिम ई-लर्निंग साइट में आपका स्वागत है। यह नए मुस्लिम धर्मान्तरित लोगों के लिए है जो अपने नए धर्म को आसान और व्यवस्थित तरीके से सीखना चाहते हैं। इसमे पाठों को स्तरों के अंतर्गत संयोजित किए गया है। तो पहले आप स्तर 1 के तहत पाठ 1 पर जाएं। इसका अध्ययन करें और फिर इसकी प्रश्नोत्तरी करें। जब आप इसे पास कर लें तो पाठ 2 वगैरह पर आगे बढ़ें। शुभकामनाएं।

यहां से प्रारंभ करें

आपको पंजीकरण करने की सलाह दी जाती है ताकि आपके प्रश्नोत्तरी ग्रेड और प्रगति को सेव किया जा सकें। इसलिए पहले यहां पंजीकरण करें, फिर स्तर 1 के अंतर्गत पाठ 1 से शुरू करें और वहां से अगले पाठ की ओर बढ़ें। अपनी सुविधा अनुसार पढ़ें। जब भी आप इस साइट पर वापस आएं, तो बस "मैंने जहां तक पढ़ा था मुझे वहां ले चलें" बटन (केवल पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध) पर क्लिक करें।

फ़ॉन्ट का आकार: इस लेख के फ़ॉन्ट का आकार बढ़ाएं फ़ॉन्ट का डिफ़ॉल्ट आकार इस लेख के फॉन्ट का साइज घटाएं
लेख टूल पर जाएं

जिन्न की दुनिया (2 का भाग 2)

विवरण: अल्लाह की रचना "जिन्न" का परिचय। भाग 2: शैतान की कहानी, शैतानों का मिशन और उनसे बचाव के तरीके।

द्वारा Imam Mufti (© 2013 NewMuslims.com)

प्रकाशित हुआ 08 Nov 2022 - अंतिम बार संशोधित 07 Nov 2022

प्रिंट किया गया: 5 - ईमेल भेजा गया: 0 - देखा गया: 551 (दैनिक औसत: 2)

श्रेणी: पाठ > इस्लामी मान्यताएं > आस्था के अनुच्छेद


उद्देश्य

·       शैतान या इबलीस की कहानी जानना।

·       शैतानों के मिशन को समझना।

·       शैतानों से सुरक्षित रहने के 7 तरीके सीखना।

अरबी शब्द

·       जिन्न - अल्लाह की एक रचना जो मानवजाति से पहले धुआं रहित आग से बनाई गई थी। उन्हें कभी-कभी आत्मा, बंशी, पोल्टरजिस्ट, प्रेत आदि के रूप में संदर्भित किया जाता है। 

·       इब्लीस - शैतान का अरबी नाम।

·       क़रीन - हर इंसान से जुड़ा एक शैतान।

·       शैतान - यह इस्लाम और अरबी भाषा में इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है जो शैतान यानि बुराई की पहचान को दर्शाता है।

·       शयातीन - शैतान, 'शैतान' का बहुवचन।

·       सुन्नत - अध्ययन के क्षेत्र के आधार पर सुन्नत शब्द के कई अर्थ हैं, हालांकि आम तौर पर इसका अर्थ है जो कुछ भी पैगंबर ने कहा, किया या करने को कहा।

·       सूरह - कुरान का अध्याय।

हमने पिछले पाठ में सीखा कि कुछ जिन्न अच्छे होते हैं और कुछ बुरे। अल्लाह ने उन्हें विश्वासी या अविश्वासी बनने की क्षमता दी है। दुष्ट जिन्न को अरबी में शैतान या शयातीन कहते हैं। शैतानों के नेता को अरबी में शैतान या इब्लीस के नाम से जाना जाता है। वह बहुत बदसूरत दिखता है और उसके दो सींग हैं।

इबलीस की कहानी

घमंडी बनने से पहले शैतान स्वर्गदूतों के साथ अल्लाह की पूजा करता था। उसने जीवन में बुरा रास्ता चुना, यह जानते हुए कि उसे सजा मिलेगी। अल्लाह ने आदम को बनाया और स्वर्गदूतों को आदम का सजदा करने का हुक्म दिया। शैतान स्वर्गदूतों के साथ अल्लाह की पूजा करता था, इसलिए उसे भी सजदा करने को कहा गया लेकिन उसने अहंकार के चलते अल्लाह के हुक्म को ठुकरा दिया। नतीजा यह हुआ कि शैतान को स्वर्ग से निकाल दिया गया। उसने अल्लाह से वादा किया कि अगर अल्लाह उसे न्याय के दिन तक जीने दे तो वह आदम के बच्चों को गुमराह करेगा। इस प्रकार, वह मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु बन गया। उसने देखा कि आदम उसके स्वर्ग से निष्कासन का कारण था और यही कारण था कि अल्लाह ने उस पर अपना श्राप डाला।

शैतानों का मिशन

इब्लीस सांसारिक मनुष्यों के विरुद्ध युद्ध का प्रधान सेनापति है। वह इंसानों के खिलाफ इस लड़ाई की रणनीति बनाता है, अपने सैनिकों को भेजता है और फिर उनके प्रदर्शन की समीक्षा करता है। वह उन शैतानो की प्रशंसा करता है जो उसके मिशन को पूरा करते हैं। अल्लाह के पैगंबर ने हमें बताया है,

“इबलीस ने पानी पर अपना सिंहासन स्थापित किया है। वहां से, वह मानव जाति को लुभाने के लिए अपनी सेना भेजता है। जो सबसे बड़ा प्रलोभन देता है उसे वह अपने सबसे करीब मानता है। उनमें से एक उसके पास लौटकर कहता है, 'मैं फलाने के साथ रहा और उसे तब तक नहीं छोड़ा जब तक कि उसने कोई बुरा काम न किया,' इबलीस उससे कहता है 'तुमने कुछ नहीं किया।' फिर कोई दूसरा शैतान आता है और कहता है, 'मैंने उसे तब तक नहीं छोड़ा जब तक वह अपनी पत्नी से अलग नहीं हो गया।' इबलीस उसे अपने पास बुलाता है और कहता है, 'तुम कितने अच्छे हो!’ [1]

उसके पास जिन्न और मनुष्यों की एक सेना है, जिन्हें शयातीन कहा जाता है। जिन्न के उसके सैनिकों में क़रीन है, वह शैतान जो हर इंसान का साथ रहता है।

शैतान का अंतिम लक्ष्य मनुष्यों को अपने साथ नर्क की आग में ले जाना और उन्हें स्वर्ग में प्रवेश करने से रोकना है। वह लोगों से अल्लाह के अलावा औरों की पूजा करवाकर ऐसा करता है। यदि वह ऐसा नहीं कर सकता, तो वह उन्हें पाप की ओर ले जाता है और अल्लाह की अवज्ञा करवाता है। वह लोगों को अच्छे काम करने से रोकने की कोशिश करता है। यदि वह ऐसा नहीं कर सकता है, तो वह पूजा के कार्यों को बर्बाद करने की पूरी कोशिश करता है ताकि व्यक्ति को उसके लिए कोई इनाम न मिले।

एक तरीका जिसके द्वारा शैतान लोगों को गुमराह करता है वह है टोना-टोटका। जादूगर कभी-कभी शैतानों को खुश करने के लिए कार्य करते हैं जो बदले में उनका आदेश मानते हैं। कभी-कभी जादू टोना का उपयोग पति और पत्नी के बीच अलगाव पैदा करने के लिए किया जाता है (क़ुरआन 2:102)। टोना-टोटका दो प्रकार का होता है, इसमें कुछ भ्रम होता है और कुछ वास्तविक। वास्तविक जादू टोना पति-पत्नी के बीच अलगाव का कारण बन सकता है और अन्य नुकसान भी पहुंचा सकता है।

इब्लीस और शैतानों से सुरक्षा

1.    शैतान से खुद को बचाने का सबसे बड़ा तरीका क़ुरआन और सुन्नत से जुड़े रहना और इस्लाम की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीना है। क़ुरआन में अल्लाह ने कहा है,

“ऐ विश्वासियों ! तुम सर्वथा इस्लाम में प्रवेश कर जाओ और शैतान की राहों पर मत चलो, निश्चय वह तुम्हारा खुला शत्रु है।” (क़ुरआन 2:208)

2.    अल्लाह से सुरक्षा मांगना। वास्तव में अल्लाह की ओर मुड़ना और उससे सुरक्षा मांगना शैतान से सुरक्षित रहने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। अल्लाह ने क़ुरआन मे हमें सुरक्षा के शब्द सिखाये हैं जो इस प्रकार है,

तथा आप प्रार्थना करें कि हे मेरे पालनहार! मैं तेरी शरण मांगता हूं, शैतानों की शंकाओं से तथा मैं तेरी शरण मांगता हूं, मेरे पालनहार! कि वे मेरे पास आयें।’” (क़ुरआन 23:97-98)

3.    अपने बच्चों और संपत्ति को अल्लाह के हवाले कर दें। अल्लाह के दूत इन शब्दों के साथ अपने पोते-पोतियों के लिए सुरक्षा मांगते थे:

उईज़ू-कुमा बी कलिमा-तिल-लाहित-तामह मिन कुली शैतानिन व हमा व मिन कुली ऐनिन लामह।

“मैं अल्लाह के सिद्ध वचनों के साथ आप दोनों को हर शैतान और बुराई से, और हर बुरी नज़र से बचाता हूं।" (सहीह अल-बुखारी)

4.    अल्लाह की सुरक्षा पाने के लिए सबसे अच्छे शब्द।

क़ुरआन के अंतिम दो अध्याय, सूरह अल-फलक और सूरह अन-नास, सुरक्षा प्राप्त करने के लिए सबसे अच्छे शब्द हैं (सुनन नसाई).

5.    अल-कुरसी के छंद के साथ सुरक्षा मांगे

“जो कोई सुबह उठ के ये पढ़ेगा, वह शाम तक जिन्न से सुरक्षित रहेगा, और जो शाम को सोने से पहले ये पढ़ेगा, वह सुबह उठने तक उनसे सुरक्षित रहेगा।" (हाकिम)

आपने पहले के पाठ में सूरह अल-फलक, सूरह अन-नास और अल-कुरसी के छंद सीखे हैं। कृपया उनको देखें।

6.    मुस्लिम समुदाय के करीब रहना

शैतान के जाल में पड़ने से बचने के लिए, मुस्लिम समुदाय के करीब रहें और अपने लिए अच्छे मुस्लिम दोस्त चुनें जो आपको सच्चाई का पालन करने और झूठ से दूर रहने में मदद और प्रोत्साहित कर सकें। पैगंबर (उन पर अल्लाह की दया और आशीर्वाद हो) ने कहा,

“आपको मुस्लिम समुदाय के साथ रहना चाहिए और विभाजन से सावधान रहना चाहिए, क्योंकि शैतान उसको बहकाता है जो अकेला होता है और वहां से दूर रहता है जहां दो लोग होते है।" (तिर्मिज़ी)

7.    शैतान का विरोध करें

शैतान अपने बायें हाथ से खाता-पीता, और कोई सामान लेता है। इसलिए आप दाहिने हाथ से खाये-पीयें और कोई सामान लें और शैतान का विरोध करें। शैतान पैसे को बर्बाद होते देखना पसंद करता है, इसलिए सावधान रहें और अपना पैसा बर्बाद न करें। अंत में, जम्हाई (जो आलस्य को दर्शाता है) को जितना हो सके उतना रोकने की कोशिश करें क्योंकि ये शैतान की तरफ से होता है।

 



फुटनोट:

[1] सहीह मुस्लिम

प्रश्नोत्तरी और त्वरित नेविगेशन
पाठ उपकरण
बेकारश्रेष्ठ  रेटिंग दें
| More
हमें प्रतिक्रिया दे या कोई प्रश्न पूछें

इसके अलावा आप यहां उपलब्ध लाइव चैट के माध्यम से भी पूछ सकते हैं।

इस स्तर के अन्य पाठ 5