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स्वर्ग (2 का भाग 2)

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विवरण: क़ुरआन और पैगंबर मुहम्मद (उन पर अल्लाह की दया और आशीर्वाद हो) के कथनों के संदर्भ में स्वर्ग की एक झलक बताने वाला दो भागो वाला पाठ। भाग 2: स्वर्ग में प्रवेश करने वाले विश्वासी कैसे दिखते हैं और स्वर्ग की खुशियां।

द्वारा Imam Mufti

प्रकाशित हुआ 08 Nov 2022 - अंतिम बार संशोधित 07 Nov 2022

प्रिंट किया गया: 22 - ईमेल भेजा गया: 0 - देखा गया: 1,619 (दैनिक औसत: 3)


उद्देश्य

·स्वर्ग की कुछ खुशियों के बारे में जानना।

·इस बात की सराहना करना कि सबसे बड़ी खुशी स्वर्ग मे अल्लाह को देखना होगा।

स्वर्ग की खुशियां

जो लोग स्वर्ग में जायेंगे, वे अपने सबसे उत्तम और सुंदर रूप में जायेंगे। उनका दिल एक होगा। वे न थूकेंगे, न नाक साफ़ करेंगे, और न शौच करेंगे। वे शरीर के बालों की असुविधाओं के बिना हमेशा युवा, मजबूत और शक्तिशाली बने रहेंगे।

सांसारिक सुख स्वर्गीय प्रसन्नता के सामने काफी हद तक फीके पड़ जाते हैं। इस दुनिया के सुख क्षणभंगुर और अल्पकालिक हैं, क्योंकि '... इस दुनिया का आनंद कम है,' जबकि स्वर्ग के आनंद अनंत होंगे, क्योंकि '... प्रावधान शाश्वत है।'

बढ़िया कपड़े, स्वादिष्ट भोजन, सुखदायक पेय, अलंकृत गहने, और स्वर्ग में भव्य महल इस दुनिया की तुलना में कहीं बेहतर हैं। स्वर्ग की 'अचल संपत्ति' को पैगंबर ने पूरी दुनिया से बेहतर बताया है!

स्वर्ग किसी भी प्रदूषक, दुर्गंध, दर्द या परेशानी से मुक्त है। मन और वाणी शुद्ध होगी। किसी को नाराज या अपमानित नहीं किया जाएगा।

स्वर्ग मे स्वादिष्ट, पके फल होंगे और जो इसके निवासी होंगे आसानी से जो भी फल चाहते हैं ले सकेंगे। मांगने पर कोई भी भोजन या पेय मिलेगा। स्वर्ग में पानी, शराब, दूध और शहद के समुद्र हैं जिनसे नदियां बहेंगी। आप जो चाहे ले लो! इसमें कपूर और अदरक जैसे सुगंधित फव्वारे हैं, और छायादार घाटियां हैं। शराब से हैंगओवर नहीं होगा। यह "पीने ​​वालों के लिए ख़ुशी" है, इससे न तो मादकता[1] होगी और न ही यह मूर्खता या झगड़ा पैदा करेगा।

स्वर्ग के निवासियों को सोने और चांदी के प्याले मे व्यंजन परोसे जाएंगे। उनके बेहतरीन रेशमी कपड़े सोने, चांदी और मोतियों से सजाए जाएंगे ... जो किसी भी मानव निर्मित वस्त्र से बेहतर होगा! उनके शरीर से कस्तूरी की महक निकलेगी.. उनके महल परिष्कृत भव्यता से प्रतिष्ठित होंगे और पूरी तरह से सुसज्जित होंगे। वे अपने बगीचों में बैठकर आराम कर सकेंगे। सुंदर चमकीले रंग के सोफे रेशम के ब्रोकेड से सजे होंगे। आकर्षक गद्दे और शानदार कालीन शान-शौकत की शोभा बढ़ा देंगे। एक ऐसी आरामदायक जगह जिसका ज्यादातर लोग इस दुनिया में सपना देखते हैं, और विकर्षणों से दूर एक शांत जगह ; शांतिपूर्ण, आरामदायक और समृद्ध रूप से सजा हुआ।

आस्तिक जिन्हें 'अमर जवान प्याले, और घड़े और बहते हुए दाखमधु परोसे जाएंगे;' अमूल्य बर्तनों में परोसे जाने वाले उत्तम भोज।

आस्तिक एक दूसरे से मिलने जाएंगे और परिवार के जो सदस्य और दोस्त स्वर्ग मे होंगे उनसे फिर से मिलेंगे। सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। अल्लाह के दूत ने कहा:

"यदि स्वर्ग में आस्तिक एक बच्चे की कामना करेगा, तो बच्चा पैदा हो जायेगा और एक पल में ही वांछित उम्र तक बढ़ जाएगा।" (अल-तिर्मिज़ी)

स्वाभाविक रूप से, स्वर्गीय सुखों की कीमत पर सांसारिक सुखों के पीछे भागना उन लोगों के लिए बहुत दुख का कारण होगा जो नर्क में जायेंगे।

स्वर्ग में जीवनसाथी और अंतरंगता

जैसे कुछ लोग रंगों को नहीं समझ सकते हैं, वैसे ही हम आत्म-अंधे और आत्म-बधिर हो जायेंगे। आत्मा की तड़प चेतना तक नहीं पहुंचती; या यदि पहुंचे, तो हम दवाओं या उन्मादी गतिविधियों से खुद को सुन्न करने की कोशिश करते हैं। इसके परिणामस्वरूप हमारे दिलों के भीतर का अलगाव अपने अकेलेपन को झेलता है। आत्मा संलग्न और शामिल होना चाहती है, क्योंकि यह ऐसी अंतरंगता है कि इसे पोषित, दीक्षित और गहरा किया जाता है। आस्तिक आत्मा की लालसा को संतुष्ट करने के लिए स्वर्ग में सांसारिक और स्वर्गीय जीवनसाथी के साथ अंतरंगता का आनंद लेंगे। आत्मा की सभी तात्कालिकतायें - लालसा की भावना, एक सुंदर और संगत साथी की इच्छा और पुराने दोस्तों से मिलने की अत्यावश्यकता - सभी पूरी होगी। स्वर्ग के वासी अपने माता-पिता, जीवनसाथी और बच्चों की संगति का आनंद लेंगे यदि वे भी आस्तिक थे।

आस्तिक सबसे कीमती रेशम और जरी के वस्त्र पहनेंगे, और सोने और चांदी के कंगनों से सुशोभित होंगे, और मोतियों से जड़े हुए मुकुट, और रेशमी कालीन, सोफे और गद्दे का उपयोग करेंगे। इन सभी सुखों का आनंद लेने के लिए, अल्लाह उन्हें हमेशा के लिए जवानी, सुंदरता और जोश प्रदान करेगा। एक हदीस है जिसमें कहा गया है कि लोग "तैंतीस वर्ष की आयु" की दशा मे स्वर्ग में प्रवेश करेंगे। यह सबसे उत्तम उम्र है जिस मे व्यक्ति शारीरिक सुखों का आनंद लेने में सबसे अधिक सक्षम होता है, और वह उम्र जिस पर किसी का स्वास्थ्य और ताकत सबसे उत्तम होती है। पैगंबर से यह बात साबित होती है कि वे लोग "अपनी जवानी कभी नहीं खोएंगे।"

आस्तिक स्वर्ग मे सबसे अच्छी और सबसे उत्तम स्थिति में प्रवेश करेंगे। वे हमेशा के लिए युवा रहेंगे, उनका शाश्वत आनंद अनंत रहेगा, और वे एक अविनाशी आनंद का जीवन जीएंगे।

आस्तिक विशेष रूप से बनाई गई स्वर्ग की युवतियों (हूरों) का आनंद लेंगे, मिट्टी से बनी हुई नहीं जैसा कि नश्वर महिलाओं को बनाया है, बल्कि शुद्ध कस्तूरी से बनी और सभी प्राकृतिक अशुद्धियों, दोषों और असुविधाओं से मुक्त। वे सुंदर, विनम्र और खोखले मोतियों के मंडपों में सार्वजनिक दृष्टि से अलग एकांत में होंगे। इस प्रकार शरीर को संतुष्टि का अहसास होगा।

अल्लाह को देखना

स्वर्ग में आस्तिक अल्लाह को स्पष्ट रूप से देखेंगे। यहां पृथ्वी पर हम उसे "देखते हैं" लेकिन परोक्ष रूप से और सृष्टि के माध्यम से।

स्वर्ग में कोई भी चीज अल्लाह और आस्तिकों के बीच नहीं होगी, और वो अल्लाह की झलक पाकर प्रसन्न होंगे। सभी के लिए सबसे अद्भुत आवाज़ अल्लाह के अभिवादन की आवाज होगी।

चूंकि अल्लाह को आमने-सामने देखने से आस्तिकों को पूर्ण सुख और परम आनंद मिलेगा, इस दृष्टि को "सुंदर" कहा जायेगा। अल्लाह को देखने का आनंद स्वर्ग, नदियों, महलों, मोतियों के तंबू, शुद्ध जीवनसाथी या खाने-पीने के किसी भी अन्य आनंद से अधिक होगा। अल्लाह के सबसे खूबसूरत चेहरे को देखने की खुशी की तुलना में अन्य सभी खुशियां फीकी पड़ जाएगी।

अल्लाह कहता है:

“उस दिन कुछ चेहरे अपने रब की ओर देखते हुए दीप्तिमान होंगे।" (क़ुरआन 75:22-23)

तो आस्तिकों के चेहरे भी चमक उठेंगे और अल्लाह के प्रकाश से सुंदर हो जाएंगे।

पैगंबर ने कहा:

"जब लोग स्वर्ग में प्रवेश करेंगे, तो अल्लाह कहेगा, 'क्या तुम्हें और कुछ चाहिए?' वे कहेंगे, 'क्या आपने हमारे चेहरों को रोशन नहीं किया, हमें स्वर्ग में नहीं भेजा और हमें नर्क से नहीं बचाया?' तब परदा हटा दिया जाएगा और उन्हें अपने रब (महिमावान और महान) की ओर देखने से ज्यादा और कुछ प्रिय न होगा। 'और कुछ' का यही अर्थ है।" फिर पैगंबर ने यह छंद पढ़ा:

“जिन लोगों ने भलाई की, उनके लिए सबसे अच्छा इनाम है और इससे भी अधिक (अर्थात अल्लाह की ओर देखने का सम्मान)” (क़ुरआन 10:26)

एक बार जब आप जान जाते हैं कि स्वर्ग के लोगों को उनके रब के चेहरे को देखने से ज्यादा प्रिय कुछ नहीं होगा, तो अल्लाह द्वारा वर्णित पापियों के नुकसान की कल्पना करें:

“निश्चय ही वे उस दिन अपने पालनहार के दर्शन से रोक दिये जायेंगे।” (क़ुरआन 83:15)

लोगों ने कहा: "ऐ अल्लाह के दूत, क्या हम अपने ईश्वर को पुनरुत्थान के दिन देखेंगे?" अल्लाह के दूत (उन पर अल्लाह की दया और आशीर्वाद हो) ने कहा: "क्या तुम रात को पूरा चांद देख के संदेह करते हो?" उन्होंने कहा, "नहीं, ऐ अल्लाह के दूत।" उन्होंने कहा, 'जब बादल न हो तो तुम सूर्य को देख के संदेह करते हो? उन्होंने कहा, "नहीं, ऐ अल्लाह के दूत।" उन्होंने कहा, "तुम अल्लाह को वैसे ही देखोगे..."

आइए हम अल्लाह से प्रार्थना करें कि वह हमें इस जीवन में दृढ़ रखे और आने वाले जीवन में हमें अपनी दया से स्वर्ग प्रदान करे और हमें उसे देखने का आनंद प्रदान करे।



फुटनोट:

[1]नशा-रहित, जैसा कि क़ुरआन 56:19 में वर्णित है। स्वर्ग में नशा करने की कोई जरूरत नहीं होगी, क्योंकि हम सुख की उच्चतम अवस्था में होंगे।

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